शुक्रवार, 15 अक्तूबर 2010

तेरे रंग में रंगने लगी है...............

तेरे रंग में रंगने लगी है...............


ऐ दोस्त,चल चलें साथ कुछ कदम
कि तन्हाई भी अब बातें करने लगी है

टूटने लगे हैं सब दायरे खामोशी के
कि आँखें भी अब तो बातें करने लगी है

दफ़न थे जो कुछ लफ़्ज अनकहे पन्नों में
कि कलम मेरी अब कुछ गुनगुनाने लगी है

सुकूं मेरे दिल को पहले भी था लेकिन
कि रूह से अब तेरी खुशबू महकने लगी है

ये वफा , ऐतबार हैं जो नज़राने दोस्ती के
कि जिंदगी अब इनकी चाहत करने लगी है

ऐ दोस्त, संभाले रखना ये ऐतबार मेरा
कि जिंदगी अब तेरे रंग में रंगने लगी है...............!!


                                                                                  सु..मन 

30 टिप्‍पणियां:

  1. वाह सुमन, बहुत सुन्दर शब्दों में अपने दिल की बात कह डाली है...आपको ये नयी ज़िन्दगी बहुत बहुत मुबारक हो...दुआ करते हैं की आप हमेशा ऐसे ही अपने दोस्ती के रंग में रंगी रहो, और आपके ऐतबार को कभी भी ठेस न पहुँचे.....

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  2. अरे वाह यह रंग तो खूब फब रहा है आप पर...यूँ ही रहें हमेशा...

    मेरे ब्लॉग पर इस बार ....

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  3. बेह‍तर रचना। अच्‍छे शब्‍द संयोजन के साथ सशक्‍त अभिव्‍यक्ति।

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  4. वाह वाह वाह !!
    बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति ! आपकी इस कविता ने भी गजब का असर किया है मन पर !

    बहुत
    बहुत
    बहुत
    ...........सारी बधाई !

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  5. कुछ तो है इस कविता में, जो मन को छू गयी।

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  6. बड़ी खूबसूरती से शब्द दिए...सुन्दर भाव..बधाई.

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  7. वाह... सुन्दर रचना पढ़ कर आनंद आ गया. बधाई एवं धन्यवाद.

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  8. टूटने लगे हैं सब दायरे खामोशी के
    कि आंखें भी अब तो बातें करने लगी हैं
    वाह सुमन जी, बहुत उम्दा...
    सुकूं मेरे दिल को पहले भी था लेकिन
    कि रूह से अब तेरी खुशबू महकने लगी है
    और.....
    ऐ दोस्त संभाले रखना ये ऐतबार मेरा
    कि ज़िन्दगी अब तेरे रंग में रंगने लगी है
    बेहतरीन.....बहुत अच्छी लगी ये रचना.

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  9. बेहतरीन पोस्ट .आभार !

    महाष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !!

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  10. मन की पीड़ा को बहुत उम्दा ब्यां किया है ! वाह!

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  11. आपको एवं आपके परिवार को दशहरे की बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं

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  12. नए रंगों में ये लेखनी बाते करने लगी है
    ऐतबार ठोक बजा के करना
    दुनिया पीठ पीछे छुरी घोपने लगी है.

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  13. तेरे रंग में रं गने लगी है
    ==================
    अच्छी रचना !
    बधाई हो !

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  14. सुमन जी बहुत अच्छी नज़्म लिखी है इस बार ....बधाई .....!!

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  15. vah vah bahut sunder....... ab issi rang mein range rehna aur isi ras ki kavitaen likhte rehna....

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  16. अच्छी अभिव्यक्ति है ... दिल को छू गयी ...

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  17. दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें

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  18. bahut bahut bahut sundar...............dil ko chune vali rachna........ in rangon me yun hi range raho............. :)

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