शनिवार, 14 मई 2011

वो पल



वो पल बहुत खास थे

जब हम साथ साथ थे

दो जिस्म एक जान थे

इक दूजे का अरमान थे





सुबह की सुगबुगाहट थी

होंठों पर मुस्कराहट थी

अहसास की कलियाँ थी

खुशबू से भरी गलियाँ थी




रुह को बहुत सुकून था

बस प्यार का जुनून था

मेरे हाथों में तेरा हाथ था

हर पल बहुत खास था.....

         हर पल बहुत खास था..... !!
                             
                                                                 


                                                                      सुमन मीत

32 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर रचना!
    आजकल आप हमारे उच्चारण पर नहीं आती है!
    ठीक ही तो है, रोज-रोज लिखने वालों को कौन पढ़ेगा?

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  2. शास्त्री जी ...नमस्कार ...बहुत शर्मिंदा हूँ ..कुछ समय का अभाव था ..आगे से आप्को शिकायत नहीं होगी...

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  3. खुबसूरत प्रेममयी रचना, बधाई......

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  4. बहुत कोमल से एहसासों से भरी सुन्दर रचना

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  5. खास पलों का एहसास, बड़े सलीके से व्यक्त किया आपने।

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  6. रूह को बहुत सुकून था,
    बस प्यार का जूनून था,
    मेरे हाथों में तेरा हाथ था,
    हर पल बहुत ख़ास था....
    हर पल बहुत ख़ास था...........

    सुमन, बहुत ही सुन्दर लिखा है तुमने.......मुझे भी किसी ख़ास पल की यादें ताज़ा हो गई........ बहुत खूब...... :-))))

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  7. बहुत सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ शानदार रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! तस्वीरें भी बहुत सुन्दर हैं! बधाई!

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  8. इस सुन्दर प्यार भरे गीत के लिए बधाई !

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  9. उनके साथ बीते पल तो बहुत ख़ास होने ही हैं .... प्रिय हों प्रेम हो .... और कुछ भी न हो .... बहुत लाजवाब ...

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  10. बहुत सुंदर एहसास है इस रचना में......बहुत अच्छी लगी.

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  11. कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन ,
    बीते हुए दिन वो मेरे प्यारे पल छिन...
    बहुत सुंदर रचना ।

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  12. भाव भरे हर शब्द में चित्र लगे हैं खास।
    ऐसे पल हरदम रहे सुमन सुखद एहसास।।
    सादर
    श्यामल सुमन
    +919955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

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  13. मेरे हाथों में तेरा हाथ था,
    हर पल बहुत ख़ास था !!
    जितनी सुंदर रचना उतनी ही सुंदर प्रस्तुति.....

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  14. टिप्पणी देकर प्रोत्साहित करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!

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  15. apane khas k sath har pal khas hota hain
    bahut khoob

    nice blog
    mere blog par bhi aaiyega aur pasand aaye to follow kariyega
    http://iamhereonlyforu.blogspot.com/

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  16. समय का फेर है सब और फिर सब छू...

    "सुख-दुःख के साथी" पे आपके विचारों का इंतज़ार है...

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  17. आपकी टिप्पणी के लिए शुक्रिया!

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  18. बहुत अच्छा लगा आपकी टिप्पणी मिलने पर!

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  19. अगर एक पल में इतना कुछ हो तो वो खास होगा ही .

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  20. कोमल भावाभिव्यक्ति .सुन्दर रचना.

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  21. mere hathon me tera hath tha
    har pal bahut khas tha...

    khuda kare wo pal umra bhar hare rahen....

    bahut khoobsoorat rachna!!!

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  22. पाक,निर्मल मन से प्रसूत भावों को सुंदर,सरल,सहज शब्द-संयोजन के माध्यम से प्रस्तुत किये जाने के लिए बधाई |

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  23. जिंदगी उलझने लगी है, सब्र टूटने लगा है
    खुद की आजमाइश में, दिल डूबने लगा है ।
    wah kya likha hai....

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