सोचा था
अब के
सावन का नज़ारा
कुछ और होगा
इस बारिश की
नन्ही बूंदों से
खेलूंगी मैं ....
इन पर्वतों पर
मचलते बादलों संग
झूमूंगी मैं ...
तेरे अहसास को
अपनी बाहों में भर कर
सरोबर कर दूंगी
खुद को
सावन की फुहार से
और
इन चंद पलों में
जी लूंगी मैं..जिंदगी
पर ...
ये सावन की नन्ही बूँदें
दर्द का अथाह सागर
ले आई हैं
और
टूटन के भंवर में
घिरकर
मेरे जिस्म का
कतरा-कतरा
मिल रहा है
धीरे-धीरे
इस दर्द के सागर में
और
एक क्षण
बन जाउंगी
मैं भी
इस सागर की
बूँद कोई ....!!
सु-मन






मन की टूटन को कहती भाव प्रवण रचना
प्रत्युत्तर देंहटाएंउफ़ दर्द की व्याख्या
प्रत्युत्तर देंहटाएंसागर में मिलना तो तय है नदी का ... उस हर दर्द को सागर अपने में समोह लेगा समय आने पे ...
प्रत्युत्तर देंहटाएंअभी तो बूँद कों समेटने का समय है ... खेलने का समय है उनके साथ ...
जब सुन्दर सपने टूट कर चूर चूर हो जाते है...तब दिल पर जो गुजरती है!...बहुत सुन्दर रचना!
प्रत्युत्तर देंहटाएंये सावन की नन्हीं बूँदें....
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत सुंदर रचना
मन की टूटन को कहती भावपूर्ण अभिव्यक्ति....
प्रत्युत्तर देंहटाएंthis one is like "a poem worth million words"!!!
प्रत्युत्तर देंहटाएंYou told a story so easily....
उम्मीद पीछे छूट जाती हैं तो भारी दुःख होता है... भावपूर्ण रचना
प्रत्युत्तर देंहटाएंदिल को छू गयी रचना...
प्रत्युत्तर देंहटाएंउत्कृष्ट अभिव्यक्ति.
अनु
सावन की टीस।
प्रत्युत्तर देंहटाएंभावमय करते शब्द ... उत्कृष्ट प्रस्तुति।
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत गहन भाव लिए रचना |
प्रत्युत्तर देंहटाएंआशा
बूंदों में छिपे मन के कितने ही रुदन भरे एहसास |
प्रत्युत्तर देंहटाएंसावन की बूँदें हृदय नम कर जाती हैं।
प्रत्युत्तर देंहटाएंkhoobsurat bhawonwali.......
प्रत्युत्तर देंहटाएंह्रदय की पीड़ा घुल मिल गयी है बूंदों में ...
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना ...!!
शुभकामनायें सुमन जी ...!!
poet & accountancy... rare combination
प्रत्युत्तर देंहटाएं:)))
हटाएंpoet & accountancy ... rare combination
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत दर्द भरा है कविता में ।उसकी अभिव्यक्ति में मैं खो सी गई ।
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत ही भावपूर्ण रचना..
प्रत्युत्तर देंहटाएंप्रेम के दर्द और उसकी गहराई को समेटे...
एकदम दिल को छू लेनेवाली..
behtreen...
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