बुधवार, 11 नवंबर 2015

आओ दीप जलायें















आओ दीप जलायें 
देहरी में मंगल का 
आँगन में सुख का 
कमरे में शान्ति का 
खिड़की में आस का 
बरामदे में ख़ुशी का 
मंदिर में भक्ति का 
दिल में उमंग का 
प्रेम के हर रंग का 
आओ दीप जलायें 
आओ दीप जलायें !!


दीप पर्व मुबारक ...

सु-मन