शनिवार, 4 अगस्त 2018

रेशम सी जिंदगी























रेशम सी जिंदगी में
नीम से कड़वे रास्ते
धुँधली सी हैं मंजिलें
अनचाहे कई हादसे !!

सु-मन

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (05-08-2018) को "धोखा अपने साथ न कर" (चर्चा अंक-3054) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. ये हादसे भी ज़िन्दगी का हिस्सा हैं ...
    झेलना होता है इन्हें ...

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