कुछ क़तरे हैं ये जिन्दगी के.....जो जाने अनजाने.....बरबस ही टपकते रहते हैं.....मेरे मन के आँगन में......
Pages
@सर्वाधिकार सुरक्षित
सर्वाधिकार सुरक्षित @इस ब्लॉग पर प्रकाशित हर रचना के अधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं |
होली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
होली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 20 मार्च 2019
शनिवार, 15 मार्च 2014
प्रेम रंग
सुनो !
होली आने वाली है
और
तुमने पूछा है मुझसे
मेरा प्रिय रंग
चाहते हो रंगना मुझे
उस रंग से ...
जानते हो !
कौन सा रंग प्रिय है मुझे
वो रंग जो कभी ना छूटे
रहे संग मेरे हमेशा
जो ज़िस्म ही नहीं
रंग दे मेरी रूह को भी ...
तो सुनो !
यूँ करो न लाओ कोई रंग
बस अपनी आँखों में
देखने दो मुझे मेरी छवि
सुनने दो तुम्हारी धड़कन का साज़
मन की बाँसुरी पर बजाओ
मेरे लिए एक नव गीत
कि राधा बन रंग जाऊँ
तुम्हारे रंग में
लाल, पीला, हरा, गुलाबी
समाहित हैं जिसमें सब रंग
प्रेम रंग.. प्रेम रंग... प्रेम रंग !!
** जय राधे कृष्णा **
सु..मन
सभी को होली की शुभकामनायें
सदस्यता लें
संदेश (Atom)




