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रविवार, 5 अप्रैल 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 12(आस का दीया)

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मैंने दीया जला कर 
कर दी है रोशनी ...
तुम प्रदीप्त बन 
हर लो, मेरा सारा अविश्वास |

मेरे आराध्य !
आस के दीये में 
बची रहे नमी सुबह तलक !!


सु-मन


पढ़े ~ Day 11

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 11(ऑफिस फुलवारी)

आज बहुत दिन ऑफिस जाना हुआ 
















आज मिली फिर तुमसे
बैठी कुछ देर तुम संग
की दो चार बातें 
खूब चहक रही तुम 
लाल पीले फूलों संग 
बोटल-ब्रश भी
झूम रहा था लाली से 
गुलाब और चमेली
महक रहे थे शान से
नहीं था भय तुम्हें 
किसी संक्रमण का
प्रकृति को खुद में समाये
ले रही थी जीवंत साँसे
दे रही थी मानव को 
जीवन का असली सन्देश |

मेरी फुलवारी !
कि तुम मेरे जीवंत होने का साक्ष्य हो ||


सु-मन 


पढ़े ~ Day 10

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 10 (शाम)











त्रिवेणी 


ठहर गई भागदौड़ भरी जिंदगी एक पल में
जंग बिना ही बंद हो गए सब दफ़्तर के ताले

शामें खुद मयखाने सी नशीली हो गयी है आजकल !!


सु-मन 

पढ़ें ~ day 9




गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 9 (राम नवमी)

राम नवमी की शुभकामनाएँ 



















सुन लो अरज अब मेरे राम  
तुम ही खैवया जपूँ तेरा नाम 
जगत पर आया है संकट भारी
हर लो सब पीड़ा कर दो कल्याण !!

सु-मन 

पढ़ें ~ Day 8

मंगलवार, 31 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 7 (बेज़िस्म नज़्म)



बेज़िस्म नज़्म 

सब ख़ामोश है आज
'मन' भी लफ्ज़ भी
फड़फड़ा रहा तन्हा
डायरी का पन्ना खाली

सुबह की एक याद
ज़ेहन को कुतर रही
आहिस्ता - आहिस्ता
कर ही देगी शायद खाली
मेरा ये भरा सा 'मन'

पलकों के कोरों में अभी
कुछ अटक के निकल गया
धुँधला कर गया शायद
याद का कड़वा हिस्सा
जेहन की कुरचन भी
थोड़ी थमने लगी है अब

बावजूद इसके -
पन्ना ख़ामोश है
लफ्ज़ 
बेजान
और नज़्म 
बेज़िस्म
कि 'मन' आज उदास बहुत है ।।


सु-मन 

पढ़ें ~ Day 6

सोमवार, 30 मार्च 2020

रविवार, 29 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 5 (वो शख्स)












आया था जो कल रोजी की तलाश में
वो आज दिल्ली शहर से कूच कर गया
जाता था खाना लेकर रोज़ अपने काम पे
वो शख्स आज रोटी का मोहताज़ हो गया
पलता था जो परिवार एक ही कमाई से
पैदल चल अपने गाँव खाली हाथ हो गया
नहीं चिंता उसको किसी संक्रमण की
फुटपाथ लाखों लोगों का घर बन गया
स्तब्ध हूँ देख कर - 2
वक़्त के ये बदलते तेवर
दिल्ली शहर का कैसा मंज़र बदल गया
दिल्ली शहर का कैसा मंजर बदल गया ।।


सु-मन 

पढ़ें ~ Day 4

शनिवार, 28 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 4 (नाना नानी के घर)












सूने पड़े हैं आजकल नाना नानी के घर
नहीं होती टीवी के रिमोट के लिए लड़ाई
नानी सीख गई है वीडियो कॉल करना
अपनी दिनचर्या की रिपोर्ट देती सारी
बच्चे फ्लाईंग किस कर बोलते MISS U
नानी जवाब में दुआएँ देती ढेर सारी
बेटी दामाद बोलते घर में बोर हो गए माँ
माँ घर से ना निकलने की देती हिदायतें भारी
एक अलग सा निखार आ गया है रिश्तों में
पूछते सब एक दूसरे का हालचाल और खुमारी
कोरोना ने सीखा दिया जीवन का महत्व
घर बना सुरक्षा कवच बाहर फैली है महामारी !!


सु-मन 

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 3 (नवरात्रे)


















किवाड़ बंद हैं सब मन्दिर के
हर ईश्वर लीन एकांतवास में
जन कल्याण की खातिर
कर रहा आराधना आदिशक्ति की
आवाहन माँ गौरी का करके
प्रकृति स्वरूपा का कर रहा वन्दन

समझ गया है इंसान भी
आंतरिक भक्ति का ज्ञान
मान कर घर को ही मंदिर
पढ़ रहा खुद देवी पाठ
माँग रहा जीवन की रोशनी
जला कर अखण्ड दीप

नवरात्रे में नहीं सजी दुकानें
न ही लगी मंदिरों में कतारें
न ही गूँजे माँ के जयकारे
इस बरस-
माँ ले रही भक्ति की परीक्षा !!


सु-मन 

पढ़ें ~ Day 2