@सर्वाधिकार सुरक्षित

सर्वाधिकार सुरक्षित @इस ब्लॉग पर प्रकाशित हर रचना के अधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं |
“प्रकृति के रंग” लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
“प्रकृति के रंग” लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

एक नई कोशिश

प्रिय पाठक !

                       ब्लॉग लेखन के सफ़र को 11 वर्ष होने को है | खूब कवितायेँ लिखी और आप सबका  भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिला | अपनी कविता को अपनी ही आवाज़ देने की एक नई कोशिश की है, आशा है आप सब पसंद करेंगे |

ब्लॉग जगत की तरह Youtube पर भी आपकी उपस्थिति मेरे लिए बहुत अहमियत रखती है | 

Kindly Like, Comment & subscribe my youtube Channel

 https://youtu.be/pw9lqdBji0U


सु-मन 



       कविता की ब्लागपोस्ट का लिंक : छोई जलप्रपात 

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

छोई जल प्रपात














श्वेत समर्पित ये धारा
गर्भित पाषाण
आलिंगन करती धरणी

तन को पुकारती बूंदें
मन से गुजरती रागिनी
नयन की अनबुझ प्यास
कर्णप्रिय ये मधुर नाद
प्रतीत होता मुझे हृदयवास..

प्रकृति के ये मृदु स्वर
हरित कोमल तरुवर
एकल फिर भी अपार
छोई जल प्रपात !!

सु-मन 

(छोई जल प्रपात,हिमाचल के मंडी जिला की सेराज घाटी में विकास खंड गोहर की ग्राम पंचायत बगस्याड में स्थित प्रकृति का बहुत अनुपम व अलौकिक खजाना है ) 

बुधवार, 20 मार्च 2019

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

“प्रकृति के रंग”


बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं…....... इस अवसर पर मेरी एक पुरानी कविता डाल रही हूँ ।आशा करती हूँ आप सबको पसन्द आयेगी.....


शाम ढल आई

मेघ की गहराई

नीर बन आई

आसमा की तन्हाई

न किसे भी नज़र आई ;




रातभर ऐसे बरसे मेघ

सींचा हर कोना व खेत

न जाना कोई ये भेद

किसने खेला है ये खेल ;




प्रभात में खिला उजला रूप

धुंध से निकली किरणों मे धूप

खेत में महका बसंत भरपूर

अम्बर आसमानी दिखा मगरूर ;




पंछियों से उड़े मतवाले पतंग

डोर को थामे मन मस्त मलंग

मुग्ध हूँ देख “प्रकृति के रंग”

कैसे भीगी रात की तरंग

ले आई है रश्मि की उमंग !!





........................................         सु..मन 
www.hamarivani.com
CG Blog www.blogvarta.com blogavli
CG Blog iBlogger