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गुरुवार, 15 अगस्त 2019

आज़ादी का तिरंगा ~ कश्मीर

















होकर तेरा हिस्सा भी, तुझसे अलग सा था मैं
आतंक के साये में, खुद अपनों से डरता था मैं
चाह थी, हर जँजीर हट जाए फर्क और मज़हब की
इसी आज़ादी के तिरंगे की, अभिलाषा करता था मैं !!




सु-मन

2 टिप्‍पणियां:


  1. जय मां हाटेशवरी.......
    आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
    आप की इस रचना का लिंक भी......
    18/08/2019 रविवार को......
    पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
    शामिल किया गया है.....
    आप भी इस हलचल में......
    सादर आमंत्रित है......

    अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
    http s://www.halchalwith5links.blogspot.com
    धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं