@सर्वाधिकार सुरक्षित

सर्वाधिकार सुरक्षित @इस ब्लॉग पर प्रकाशित हर रचना के अधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं |

शनिवार, 18 सितंबर 2021

शब्द से ख़ामोशी तक – अनकहा मन का (२३)


                            किसी भी बात का जरूरी व गैरजरूरी होना मनुष्य की जरूरत पर निर्भर करता है । एक प्रश्न किसी के लिए जरूरी हो सकता है परन्तु उसका उत्तर न देकर वही प्रश्न दूसरे के लिए गैरज़रूरी । प्रश्न एक ही लेकिन उसके मायने अलग अलग । जीवन की पाठशाला में निरुत्तर कुछ प्रश्न जरूरत की स्याही ढूँढते रहते हैं ।

सु-मन 




1 टिप्पणी:

  1. एकदम मुनासिब तथ्य। जरूरी व गैरजरूरी के बीच बहुत महीन लकीर होती है।

    जवाब देंहटाएं

www.hamarivani.com
CG Blog www.blogvarta.com blogavli
CG Blog iBlogger