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शुक्रवार, 27 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 3 (नवरात्रे)


















किवाड़ बंद हैं सब मन्दिर के
हर ईश्वर लीन एकांतवास में
जन कल्याण की खातिर
कर रहा आराधना आदिशक्ति की
आवाहन माँ गौरी का करके
प्रकृति स्वरूपा का कर रहा वन्दन

समझ गया है इंसान भी
आंतरिक भक्ति का ज्ञान
मान कर घर को ही मंदिर
पढ़ रहा खुद देवी पाठ
माँग रहा जीवन की रोशनी
जला कर अखण्ड दीप

नवरात्रे में नहीं सजी दुकानें
न ही लगी मंदिरों में कतारें
न ही गूँजे माँ के जयकारे
इस बरस-
माँ ले रही भक्ति की परीक्षा !!


सु-मन 

पढ़ें ~ Day 2

गुरुवार, 26 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 2 (वजह)













थक के चूर हो गई हैं हिदायतें सारी
इंसान समझ कर भी नासमझ बन रहा
घर में बैठ जा अब तो ऐ मेरे हमवतन
क्यूँ अपनों की मौत की वजह बन रहा !!


सु-मन



पढ़ें ~ Day 1

बुधवार, 25 मार्च 2020

इंडिया लॉक डाउन डायरी ~ Day 1(लक्ष्मण रेखा)















खींची आज जिसने लक्ष्मण रेखा घर के दरवाजे पर
सबके हित के लिए वो खुद बेमिसाल बन गए
लाँघ गए जो अपनी जिद की खातिर कुछ कदम
न जाने कितनी जिंदगियों का आखिरी काल बन गए !!

सु-मन

शुक्रवार, 29 नवंबर 2019

उपहार















मन ! भूल जाना तुम 
इस एक दिन
सुख दुख का हिसाब
और जी भर जीना सकून

साल के बाकी दिनों को
मिट्टी में मिला कर
बीज देना नव वर्ष का अंकुर

भ्रम के दरवाजे पर
लगा कर निश्चय का ताला
प्रतिपादित करना नया स्वरूप

माँग लेना दुआ में
अपने हिस्से की कुछ खुशी
त्याग देना निराशा का भाव 

मन! भूल जाना तुम
सब आधा अधूरा
हर लफ्ज़ को पूरा बनाकर
दे देना मुझे जन्मदिन का उपहार । 


सु-मन 

गुरुवार, 15 अगस्त 2019

आज़ादी का तिरंगा ~ कश्मीर

















होकर तेरा हिस्सा भी, तुझसे अलग सा था मैं
आतंक के साये में, खुद अपनों से डरता था मैं
चाह थी, हर जँजीर हट जाए फर्क और मज़हब की
इसी आज़ादी के तिरंगे की, अभिलाषा करता था मैं !!




सु-मन

शनिवार, 3 अगस्त 2019

'मन' खुशी मुबारक !



मन !
           खुशी मुबारक |

1st अगस्त को iblogger द्वारा आयोजित Blogger of the Year 2019 Contest के परिणाम की घोषणा की गई और  Top 10 blogger of the year में अपना नाम दिखा तो मन खुश हो गया | सोचा आप सब से अपनी खुशी साझा कर लूँ , उन पाठकों से जिन्होंने मेरे लेखन को सराहा.. मेरे लफ्ज़ों को गति दी | 

विजेता , उपविजेता और सभी विजेताओं को शुभकामनाएं ....
निर्णायक मण्डल और पाठकों का तहे दिल से शुक्रिया ..

और 
मन ! मेरे हर लफ्ज़ , विचार और अभिव्यक्ति के रचयिता ..तुझे प्यार भरी झप्पी :-)


सु-मन 

सोमवार, 22 जुलाई 2019

सोचते सोचते























.............  सोचते सोचते 
यूँ ही  उम्र गुजर जाएगी 
कर्मों के निशां रह जायेंगे 
जिन्दगी फ़ना हो जाएगी !!


सु-मन

सोमवार, 24 जून 2019

यादें कभी बंजर नहीं होती




इस दफ़ा शब्दों के मानी बदल गए
नहीं उतरे कागज़ पर , तकल्लुफ़ करते रहे

वक़्त के हाशिये पर देता रहा दस्तक
अनचिन्हा कोई प्रश्न, उत्तर की तलाश में
कागज़ फड़फड़ाता रहा देर तक
बाद उसके, थोड़ा फट कर चुप हो गया

आठ पहरों में बँटकर चूर हुआ दिन
टोहता अपना ही कुछ हिस्सा वजूद की तलाश में

एक सिरकटी याद का ज़िस्म जलता रहा
सोच के दावानल में धुआँ धुआँ
जिंदगी दूर बैठ उसे ताकती रही, अपलक
सुलगती रही बिन आग, याद के साथ साथ !!

दरअसल -
वक़्त दिन तारीख नहीं होते एक दूसरे से जुदा
शब्द ढूँढ ही लेते रास्ता कागज़ पर उतरने का
यादें कभी बंजर नहीं होती जिंदगी के रेगिस्तान में !!

सु-मन

बुधवार, 1 मई 2019

बर्ग-ए-चिनार










चुरा लाई हूँ तुम्हें
तुम्हारे दरख़्त से
रख दिया है सहेज के
अपनी नज़्मों के पास
बहुत ख़्वाहिश थी
बिताऊँ चन्द लम्हें
तुम्हारे आगोश में
डल के किनारे बैठ
करूँ हर शाख से बातें
महसूस करूँ तुम्हारा वजूद
उतार लूँ तुमको मन के दर्पण में
ये सोच-
ले आई तुम्हें अपने साथ
कि मेरी हर नज़्म अब बर्ग-ए-चिनार होगी ।।


सु-मन
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